स्टोरेज से तात्पर्य कहीं न कहीं कंप्यूटर या सीपीयू में जानकारी रखने से है। जैसा की हम सभी को कोई भी नोट्स या अन्य जानकारी कॉपी में लिखनी होती है तो उस जानकारी से हमारी कॉपी के कुछ पेज भर जाते है जिसका सीधा मतलब होता है की कुछ भी करने के लिए हमें सबसे पहले स्पेस की जरुरत होती है।
कम्प्यूटर में भी कोई भी फाइल या अन्य डेटा फ्यूचर के लिए सेव करके रखने के लिए और टास्क को पूरा करने, दोनों ही कंडीशन में हमे स्पेस की जरुरत होती है जो स्टोरेज हमे स्टोरेज डिवाइसेस से मिलता है।
कुछ स्टोरेज डिवाइस निम्नलिखित है।
- रैम (RAM)
- रोम (ROM)
- हार्ड डिस्क (HDD)
- सी डी (CD)
- डी वी डी (DVD)
- फ्लॉपी डिस्क (FD)
*Classification of Storage Devices*
स्टोरेज डिवाइसेस को मुख्य 2 भागो में वर्गीकृत किया गया है।
- Primary Storage Device
- Secondary Storage Device
Primary Storage Device: -
प्राइमरी स्टोरेज डिवाइसेस में रैम और रोम आते है। कंप्यूटर के मुख्य स्टोरेज डिवाइस रैम और रोम होते है। RAM (Random Access Memory) Temporary Memory तथा ROM (Read Only Memory) Permanent Memory होती है। रैम को वोलेटाइल तथा रोम को नॉन वोलेटाइल मेमोरी भी कहते है।
RAM (Random Access Memory)
किसी भी टास्क को परफॉर्म करने का स्पेस देती है। रैम अलग अलग क्षमता की मार्केट में उपलब्ध है यूजर अपने वर्क और एप्लीकेशन के अनुसार रैम मेमोरी का यूज़ करते है। किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन करने के लिए रैम की जरुरत होती है। रैम मेमोरी किसी भी एप्लीकेशन को रन करने की पिच प्रोवाइड करती है।

3 Comments
Very nice 👍
ReplyDeleteContent easily to understand thanks bro for this good work
ReplyDeleteVery nice sir ji
ReplyDeleteThank you For your Valuable Comment